15 अगस्त स्पेसल "आजाद भारत मे इनकी भी बड़ी भूमिका"

 आजाद भारत में इनकी भी बड़ी भूमिका

आजाद भारत में इनकी भी बड़ी भूमिका


1947 से भारत में हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। लंबे संघर्षो के बाद भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी।लेकिन आज बात कुछ और करते है। 

15 अगस्त या 26 जनवरी आते ही हमारे मन में देश के लिए शाहिद हुए सभी जवानों को याद करने की चेष्ठा जाग्रत होती है। चाहे वो  स्वतंत्रता सेनानी या देश के अंदर तैनात जवान हो या फिर सीमा पर खडे जवान, लेकिन कुछ लोग और भी हैं, जिन्हें हमे भूलना नही चाहिए ।

जिसका बहुत बड़ा योगदान होता है ऐसे वीरो को जन्म देने के लिए , जी हा मै उसी माँ की बात कर रहा हु ,जो देश के खातिर सबसे पहले अपने वीरो को आगे खड़ा करती हैं।


यकीन मानिये इनका हृदय आसमान से बड़ा और सागर से भी गहरा होता है ।तभी तो वो अपने वीर पुत्रो को देश सेवा के लिए भेजती है।

आप ने कभी सोचा है जब इस माई का सपूत ,तिरंगे में लिपटा घर आता हैं।


उनकी तो दुनिया ही उजड़ जाती है।उन्हें पैसे से ज्यादा अपनो को खोने की परवाह होती है ।

बुढ़ापे का सहारा बनाने वाला आज खुद चार कंधो पर आया हैं । उस माँ के कई सपने आज इसी तिरंगे में ही लिपट कर राह गए , सच तो ये है कि जिंदा पुत्र से बढ़ कर और क्या इच्छा हो सकती हैं।

और अगर पत्नी है तो उसका क्या,उसके हाथ की तो मेहंदी भी नही छुटी होगी ,और कंगन तोड़ने की बारी आगई ।


जब एक। जवान सहीद होता है ,तो उसके साथ-साथ उसके पूरे परीवार की ,सुख,चैन, अभिलाषा, सब सहीद हो जाती हैं। और रह जाती हैं तो बस उनके साथ बिताए कुछ अनछुअन यादे।और यही यादे उनके बच्चो के जीने का पथप्रदर्शक बनती है।

एक माँ जादा से जादा क्या अभिलाषा कर सकती है ,यही न कि उसका लाल जैसे घर से निकला था ठीक उसी तरह वापस आये

जो आस्था देश के लिए एक जवान में होता है ,वही आस्था एक माँ को अपने पुत्र को सही सलामत देख ने की होती हैं।वो दहलीज पर बैठ कर सिर्फ राह निहारती रहती हैं । इन्ही सब के दरमियान आँखे कब विराम अवस्था में चली जाती हैं किसे पता ।


देश की सेवा में शाहिद हुए सभी वीर पुत्रो को याद करते है, लेकिन हम उन्हें भूल जाते है जो देश के लिए अपनो को खो देती है ।

तो इस 15 अगस्त को हम सब मिलकर उन माताओ को सत-सत नमन करेगे।जो देश के लिए अपनी बड़ी भूमिका निभाई ।।

जय हिंद जय भारत।।

आशुतोष कन्नौजिया (मिर्ज़ापुर)

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